पिताजी- इंजीनियरिंग कर लो। राजस्थान में मकान मालिक- कहा एनजीओ में काम करते हो। सरकारी नौकरी की तैयारी करो। पंजाब में किसान- मैडम आप इतनी अच्छी इंग्लिश बोलते हो। IELTS दे कर बाहर निकल जाओ। Culture speaks!!

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गुड़िया सी बेजुमान मै!

कल ही की बात लगती है, जब मै गुड्डे- गुड़िया से खेला करती थी, सजाती थी अपनी नन्ही गुड़िया को, शादी के उस खेल के लिए। मा कहती थी एक राजकुमार, सफेद घोड़े में हो कर सवार, मुझे भी ले जाएगा, जीवन के एक मोड़ पर। मैंने भी उसको सच मान कर, किया उस राजकुमार… Continue reading गुड़िया सी बेजुमान मै!

वही इश्क है…

क्या कहता था तुम्हारा जुबानी इश्क? संग जीने मरने की कसमे खाता था? चाँद तारे तोड़ने के वादे, खुशनुमा ज़िन्दगी के सपने, और भी पता नहीं क्या क्या...   कितना गलत समझा है तुमने इश्क को, इश्क, इश्क किसी किताब का पन्ना नहीं, उस पन्ने में लिखी कविता को लिखते कवी का जूनून है, इश्क… Continue reading वही इश्क है…

पूर्णिमा का चाँद

आज मै चाँद देख रही थी, पूर्णिमा का चाँद, बहुत खूबसूरत, बहुत प्यारा, की, अकस्मात् एक ख्याल आया, ख्याल, बहुत चंचल, बहुत आवारा!   मैंने सोचा मुझे अभी तुम्हारी याद आ रही है, लगता है की तुम कितने दूर हो, समय से नापे तो कितने घंटो का यह फासला है, इतना फासला जो मन जो… Continue reading पूर्णिमा का चाँद

Vote for the nation!

"As the nation celebrates the 150th Birth Anniversary year of Mahatma Gandhi, Indian Political Action Committee (I-PAC) launches the National Agenda Forum (NAF), a pan-India initiative to resurrect the conversation around his 18-point Constructive Programme and use it to re-imagine and co-create India’s priorities to formulate an actionable agenda for contemporary India." Contribute and vote… Continue reading Vote for the nation!

चाहत

उसे चाह भी थी तो उस चिड़िया की तरह उड़ने की, जो खुद मछली की तरह तैरना चाहती थी,  जो तेरा है, उसमे तू भी खुश नही, जो उसका है, उसमे वो भी खुश नही, यह ज़िंदगी है , राजा ने भी काटी थी, रंक ने भी काटी थी... किसी की दौलत की भूक कभी… Continue reading चाहत